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Thursday

NDPS प्रकरण में आरोपी मोहम्मद गुफरान दोषमुक्त, -अधिवक्ता देव प्रसाद जोशी ने की पैरवी








NDPS प्रकरण में आरोपी मोहम्मद गुफरान दोषमुक्त, अभियोजन आरोप संदेह से परे सिद्ध करने में रहा विफल

विशेष दांडिक प्रकरण क्रमांक 252/2024 में विशेष न्यायालय का फैसला; धारा 21(C) NDPS Act के आरोप से मिली राहत, अधिवक्ता देव प्रसाद जोशी ने की पैरवी (मो 9893354327)

रायपुर। विशेष न्यायालय, रायपुर ने एनडीपीएस अधिनियम से जुड़े एक महत्वपूर्ण प्रकरण में आरोपी मोहम्मद गुफरान, पिता मोहम्मद इसहाक खान को दोषमुक्त कर दिया है। विशेष दांडिक प्रकरण क्रमांक 252/2024, अपराध क्रमांक 520/2024, थाना आरंग, जिला रायपुर में माननीय विशेष न्यायाधीश श्रीमती किरण थवाईत के न्यायालय द्वारा 23 सितंबर 2025 को निर्णय पारित किया गया। आरोपी की ओर से अधिवक्ता देवप्रसाद जोशी ने पैरवी की।

कोडीनयुक्त सिरप रखने का था आरोप

अभियोजन की ओर से आरोपी के विरुद्ध स्वापक औषधि एवं मन:प्रभावी पदार्थ अधिनियम (NDPS Act) की धारा 21(C) के तहत आरोप लगाया गया था। अभियोजन का आरोप था कि दिनांक 18 अगस्त 2024 को ग्राम रसनी टोल प्लाजा रेस्टोरेंट के पास, थाना आरंग क्षेत्र में आरोपी के कब्जे से प्रतिबंधित/कोडीनयुक्त कफ सिरप बरामद किया गया।

अभियोजन के अनुसार आरोपी के कब्जे से 34 सीसी अंग्रेजी दवा कोडीन फॉस्फेट एवं ट्राइप्लोडीन हाइड्रोक्लोराइड सिरप ‘कोडिविक्स-टी’, प्रत्येक 100 एमएल तथा 25 सीसी ट्राइप्लोडीन हाइड्रोक्लोराइड एवं कोडीन फॉस्फेट सिरप ‘जूसफिया’, प्रत्येक 100 एमएल बरामद होना बताया गया था। इस प्रकार कुल 59 सीसी अर्थात लगभग 5.9 लीटर सिरप की बरामदगी का दावा अभियोजन द्वारा किया गया।

बचाव पक्ष ने अभियोजन साक्ष्य पर उठाए सवाल

प्रकरण की सुनवाई के दौरान अभियोजन द्वारा आरोपी के विरुद्ध लगाए गए आरोपों को साक्ष्यों के माध्यम से प्रमाणित करने का प्रयास किया गया। वहीं, आरोपी की ओर से अधिवक्ता देव प्रसाद जोशी ने अभियोजन के साक्ष्यों एवं मामले की परिस्थितियों का परीक्षण करते हुए न्यायालय के समक्ष बचाव पक्ष की ओर से प्रभावी तर्क प्रस्तुत किए।

बचाव पक्ष की ओर से यह मूल प्रश्न न्यायालय के समक्ष रखा गया कि क्या अभियोजन द्वारा प्रस्तुत मौखिक एवं दस्तावेजी साक्ष्य के आधार पर आरोपी के विरुद्ध लगाए गए आरोपों को संदेह से परे प्रमाणित माना जा सकता है। आपराधिक न्याय व्यवस्था के मूल सिद्धांत के अनुसार अभियोजन पर आरोप को विधि के निर्धारित मानक पर सिद्ध करने का दायित्व होता है और संदेह का लाभ आरोपी को प्राप्त होता है।

अभियोजन आरोप सिद्ध करने में असफल

मामले में प्रस्तुत साक्ष्यों एवं संपूर्ण परिस्थितियों के परीक्षण के पश्चात न्यायालय ने अभियोजन के मामले का मूल्यांकन किया। न्यायालय के समक्ष अभियोजन आरोपी के विरुद्ध लगाए गए आरोपों को आवश्यक कानूनी कसौटी पर संदेह से परे सिद्ध करने में सफल नहीं हो सका।

इसी आधार पर माननीय विशेष न्यायाधीश श्रीमती किरण थवाईत, रायपुर द्वारा दिनांक 23 सितंबर 2025 को आरोपी मोहम्मद गुफरान को NDPS Act की धारा 21(C) के आरोप से दोषमुक्त किए जाने का निर्णय पारित किया गया।

बचाव पक्ष की प्रभावी पैरवी

प्रकरण में आरोपी मोहम्मद गुफरान की ओर से अधिवक्ता देवप्रसाद जोशी ने पैरवी की। बचाव पक्ष की ओर से अभियोजन द्वारा प्रस्तुत मामले की कमियों एवं साक्ष्यों की विश्वसनीयता से संबंधित पहलुओं को न्यायालय के समक्ष रखा गया। सुनवाई के उपरांत न्यायालय द्वारा आरोपी को दोषमुक्त किए जाने से उसे इस प्रकरण में बड़ी राहत मिली।

अधिवक्ता देव प्रसाद जोशी

मोबाइल : 9893354327