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एससी/एसटी एक्ट सहित विभिन्न धाराओं के मामले में कुलेश्वर राम समेत तीन आरोपीगण दोषमुक्त - आरोपी कुलेश्वर राम की ओर से अधिवक्ता देव प्रसाद जोशी ने की पैरवी





एससी/एसटी एक्ट सहित विभिन्न धाराओं के मामले में कुलेश्वर राम समेत तीन आरोपीगण दोषमुक्त

अभियोजन आरोपों को संदेह से परे साबित करने में असफल, विशेष न्यायालय ने दिया संदेह का लाभ

आरोपी कुलेश्वर राम की ओर से अधिवक्ता देव प्रसाद जोशी ने की पैरवी

रायपुर। रायपुर जिले में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम सहित विभिन्न कानूनों के तहत दर्ज एक आपराधिक प्रकरण में माननीय विशेष न्यायालय ने महत्वपूर्ण निर्णय सुनाते हुए आरोपी कुलेश्वर राम सहित तीन आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया। विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी एक्ट, रायपुर पंकज कुमार सिन्हा की अदालत ने 17 मार्च 2026 को यह निर्णय पारित किया। प्रकरण में आरोपी कुलेश्वर राम, पिता श्याम सुंदर राम की ओर से अधिवक्ता देव प्रसाद जोशी ने बचाव पक्ष की पैरवी की।


विभिन्न अधिनियमों के तहत लगाए गए थे आरोप


प्राप्त जानकारी के अनुसार, थाना धरसीवां से संबंधित प्रकरण क्रमांक 287/25 में आरोपी कुलेश्वर राम एवं अन्य तीन आरोपियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 146(5) एवं 146, किशोर न्याय (बालकों की देखरेख और संरक्षण) अधिनियम, 2015 की धारा 79, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 की धारा 3(1)(ज) तथा बाल एवं किशोर श्रम प्रतिषेध एवं विनियमन अधिनियम की धारा 14 के अंतर्गत आरोप लगाए गए थे।


प्रकरण की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष को आरोपियों के विरुद्ध लगाए गए आरोपों को न्यायालय के समक्ष संदेह से परे प्रमाणित करना था। विचारण के उपरांत न्यायालय ने पाया कि अभियोजन पक्ष आरोपों को संदेह से परे साबित करने में सफल नहीं रहा। इसके परिणामस्वरूप न्यायालय ने आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त करने का निर्णय सुनाया।


अभियोजन की विफलता के आधार पर मिला संदेह का लाभ


आपराधिक न्याय व्यवस्था में अभियोजन पक्ष की यह जिम्मेदारी होती है कि वह आरोपों के समर्थन में प्रस्तुत साक्ष्यों के माध्यम से आरोपी के विरुद्ध अपराध को संदेह से परे साबित करे। केवल आरोप लगाए जाने के आधार पर किसी व्यक्ति को दोषी नहीं ठहराया जा सकता।


इस प्रकरण में अभियोजन पक्ष आरोपों को निर्धारित कानूनी कसौटी पर साबित करने में असफल रहा। इसी आधार पर माननीय विशेष न्यायालय ने आरोपी कुलेश्वर राम सहित अन्य तीन आरोपियों को संदेह का लाभ प्रदान करते हुए दोषमुक्त कर दिया।


बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता देव प्रसाद जोशी ने की पैरवी


प्रकरण में आरोपी कुलेश्वर राम की ओर से अधिवक्ता देव प्रसाद जोशी ने न्यायालय में पैरवी की। बचाव पक्ष ने न्यायालय के समक्ष आरोपी का पक्ष प्रस्तुत किया। विचारण के उपरांत न्यायालय ने उपलब्ध साक्ष्यों एवं प्रकरण की परिस्थितियों पर विचार करते हुए दोषमुक्ति का निर्णय पारित किया।


इस निर्णय से यह विधिक सिद्धांत पुनः स्पष्ट होता है कि आपराधिक मुकदमे में आरोपों को साबित करने का दायित्व अभियोजन पक्ष पर होता है तथा आरोपों के संदेह से परे प्रमाणित नहीं होने की स्थिति में आरोपी को विधि के अनुसार संदेह का लाभ दिया जा सकता है।


प्रकरण का संक्षिप्त विवरण


- न्यायालय: विशेष न्यायाधीश, एससी/एसटी एक्ट, रायपुर, छत्तीसगढ़

- विशेष न्यायाधीश: पंकज कुमार सिन्हा

- थाना: धरसीवां

- प्रकरण क्रमांक: 287/25

- आरोपी: कुलेश्वर राम, पिता श्याम सुंदर राम एवं अन्य तीन आरोपी

- आरोपित कानून: भारतीय न्याय संहिता, 2023; किशोर न्याय अधिनियम, 2015; एससी/एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम, 1989 तथा बाल एवं किशोर श्रम प्रतिषेध एवं विनियमन अधिनियम

- निर्णय दिनांक: 17 मार्च 2026

- बचाव पक्ष के अधिवक्ता: देव प्रसाद जोशी, 9893354327

- न्यायालय का निर्णय: चारों आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त किया गया।