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पॉक्सो मामले में आरोपी टिकेश्वर डहरिया दोषमुक्त - आरोपी की ओर से अधिवक्ता देव प्रसाद जोशी ने की पैरवी






पॉक्सो मामले में आरोपी टिकेश्वर डहरिया दोषमुक्त - आरोपी की ओर से अधिवक्ता देव प्रसाद जोशी ने की पैरवी 

अभियोजन आरोपों को संदेह से परे साबित करने में रहा असफल, न्यायालय ने दिया संदेह का लाभ

बचाव पक्ष के अधिवक्ता: देव प्रसाद जोशी, 9893354327

रायपुर। रायपुर जिले के तिल्दा-नेवरा थाना क्षेत्र से संबंधित एक प्रकरण में माननीय अपर सत्र न्यायाधीश द्वितीय एवं फास्ट ट्रैक विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो), रायपुर की अदालत ने आरोपी टिकेश्वर ढहरिया उर्फ खिलेश्वर ढहरिया को गंभीर आपराधिक आरोपों से दोषमुक्त कर दिया है। प्रकरण में पीठासीन अधिकारी माननीय न्यायाधीश श्री विनय कुमार प्रधान द्वारा दिनांक 11 जुलाई 2025 को निर्णय पारित किया गया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह मामला थाना तिल्दा-नेवरा, जिला रायपुर के अपराध क्रमांक 320/2024 से संबंधित था। अभियोजन पक्ष द्वारा आरोपी के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं तथा लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम (पॉक्सो एक्ट) के अंतर्गत आरोप लगाए गए थे।

प्रकरण में आरोपी टिकेश्वर ढहरिया उर्फ खिलेश्वर ढहरिया के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता की धारा 326, 363, 366, 366(2), 376(2) एवं 376(3) तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 4(2), 5(ठ) एवं 6 के तहत आरोपों का उल्लेख किया गया था।

अभियोजन आरोपों को संदेह से परे साबित नहीं कर पाया

न्यायालय में विचारण के दौरान अभियोजन पक्ष पर यह दायित्व था कि वह प्रस्तुत साक्ष्यों के माध्यम से आरोपी के विरुद्ध लगाए गए आरोपों को विधि के निर्धारित मानदंडों के अनुसार संदेह से परे साबित करे। आपराधिक न्याय व्यवस्था में किसी व्यक्ति को केवल आरोप लगाए जाने के आधार पर दोषी नहीं ठहराया जा सकता। दोषसिद्धि के लिए अभियोजन द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों का विश्वसनीय होना तथा आरोपों को प्रमाणित करना आवश्यक है।

प्रकरण के संबंध में उपलब्ध जानकारी के अनुसार, अभियोजन पक्ष आरोपी के विरुद्ध लगाए गए आरोपों को संदेह से परे साबित करने में सफल नहीं हो पाया। इसी आधार पर न्यायालय ने आरोपी को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया।

बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता देव प्रसाद जोशी ने की पैरवी

उक्त प्रकरण में आरोपी की ओर से बचाव पक्ष के अधिवक्ता देव प्रसाद जोशी ने पैरवी की। न्यायालयीन विचारण के दौरान बचाव पक्ष ने आरोपी के विरुद्ध लगाए गए आरोपों के संबंध में अभियोजन के साक्ष्यों के मूल्यांकन के आधार पर अपना पक्ष प्रस्तुत किया।

आपराधिक न्याय व्यवस्था का मूल सिद्धांत है कि अभियोजन को आरोपी के विरुद्ध आरोपों को विधि के अनुसार प्रमाणित करना होता है। यदि प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर आरोप संदेह से परे सिद्ध नहीं होते, तो आरोपी को संदेह का लाभ दिया जाना न्याय के स्थापित सिद्धांतों के अनुरूप है।

इस प्रकरण में न्यायालय द्वारा पारित निर्णय के अनुसार आरोपी टिकेश्वर ढहरिया उर्फ खिलेश्वर ढहरिया को संबंधित आरोपों से दोषमुक्त किया गया।

प्रकरण का विवरण

न्यायालय: अपर सत्र न्यायाधीश द्वितीय एवं फास्ट ट्रैक विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो), रायपुर

पीठासीन अधिकारी: श्री विनय कुमार प्रधान

थाना: तिल्दा-नेवरा, जिला रायपुर

अपराध क्रमांक: 320/2024

आरोपी: टिकेश्वर ढहरिया उर्फ खिलेश्वर ढहरिया

निर्णय दिनांक: 11 जुलाई 2025

बचाव पक्ष के अधिवक्ता: देव प्रसाद जोशी, 9893354327

निर्णय: अभियोजन द्वारा आरोप संदेह से परे साबित नहीं किए जाने के कारण आरोपी दोषमुक्त