पॉक्सो प्रकरण में सूरज मिश्रा दोषमुक्त - आरोपी की ओर से अधिवक्ता देव प्रसाद जोशी
चतुर्थ फास्ट ट्रैक विशेष न्यायालय का फैसला; अभियोजन आरोपों को संदेह से परे साबित करने में असफल रहा
रायपुर। राजधानी रायपुर के कबीर नगर थाना क्षेत्र से संबंधित एक पॉक्सो प्रकरण में माननीय चतुर्थ फास्ट ट्रैक विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो), रायपुर ने आरोपी सूरज मिश्रा को दोषमुक्त कर दिया है। प्रकरण में पीठासीन अधिकारी श्री गिरीश कुमार मंडावी ने दिनांक 22 मई 2026 को निर्णय पारित किया। बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता देव प्रसाद जोशी ने पैरवी की।
क्या था मामला?
न्यायालयीन अभिलेखों के अनुसार, थाना कबीर नगर, रायपुर में अपराध क्रमांक 11/2025 के अंतर्गत आरोपी सूरज मिश्रा के विरुद्ध मामला दर्ज किया गया था। अभियोजन के अनुसार, प्रकरण वर्ष 2024 की कथित घटना से संबंधित था। मामले में भारतीय न्याय संहिता तथा लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम, 2012 (पॉक्सो एक्ट) की विभिन्न धाराओं के अंतर्गत आरोप लगाए गए थे।
पुलिस विवेचना के पश्चात प्रकरण न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां अभियोजन एवं बचाव पक्ष को अपना पक्ष रखने का अवसर मिला।
न्यायालय में हुआ साक्ष्यों का परीक्षण
प्रकरण की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने आरोपों के समर्थन में साक्ष्य प्रस्तुत किए। वहीं, बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता देव प्रसाद जोशी ने अभियोजन के मामले का परीक्षण करते हुए आरोपी का पक्ष न्यायालय के समक्ष रखा।
आपराधिक न्याय व्यवस्था में अभियोजन का दायित्व होता है कि वह आरोपी के विरुद्ध लगाए गए आरोपों को विश्वसनीय एवं स्वीकार्य साक्ष्यों के आधार पर संदेह से परे प्रमाणित करे। केवल आरोप लगाए जाने अथवा प्राथमिकी दर्ज होने से किसी व्यक्ति का अपराध सिद्ध नहीं माना जा सकता।
अभियोजन आरोपों को संदेह से परे साबित करने में असफल
न्यायालय ने प्रकरण में प्रस्तुत साक्ष्यों एवं अभिलेखों का परीक्षण करने के बाद दिनांक 22 मई 2026 को अपना निर्णय सुनाया और आरोपी सूरज मिश्रा को दोषमुक्त कर दिया।
यह निर्णय आपराधिक न्याय व्यवस्था के उस स्थापित सिद्धांत को रेखांकित करता है, जिसके अनुसार किसी भी अभियुक्त को दोषी ठहराने के लिए अभियोजन को आरोपों को विधि के अनुरूप संदेह से परे प्रमाणित करना आवश्यक है।
बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता देव प्रसाद जोशी ने की पैरवी
इस प्रकरण में आरोपी सूरज मिश्रा की ओर से अधिवक्ता देव प्रसाद जोशी ने पैरवी की। प्रकरण में न्यायालय द्वारा पारित निर्णय के पश्चात आरोपी को दोषमुक्त किया गया।
पॉक्सो जैसे संवेदनशील मामलों में पीड़ित की पहचान एवं निजता की रक्षा के साथ-साथ निष्पक्ष सुनवाई और अभियुक्त के विधिक अधिकारों का संरक्षण भी न्यायिक प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
बचाव पक्ष के अधिवक्ता:
अधिवक्ता देव प्रसाद जोशी
जिला एवं सत्र न्यायालय रायपुर
छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय, बिलासपुर
📱 मोबाइल नंबर: 9893354327

