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पॉक्सो मामले में निर्मल कुमार वर्मा उर्फ सिद्धार्थ दोषमुक्त - आरोपी की ओर से अधिवक्ता देव प्रसाद जोशी ने की थी पैरवी





पॉक्सो मामले में निर्मल कुमार वर्मा उर्फ सिद्धार्थ दोषमुक्त - आरोपी की ओर से अधिवक्ता देव प्रसाद जोशी ने की थी पैरवी 

अभियोजन आरोपों को संदेह से परे साबित करने में रहा असफल, विशेष न्यायालय ने दिया संदेह का लाभ

रायपुर। रायपुर के विशेष पॉक्सो न्यायालय ने एक आपराधिक प्रकरण में आरोपी निर्मल कुमार वर्मा उर्फ सिद्धार्थ को दोषमुक्त कर दिया है। माननीय सिविल एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम तथा फास्ट ट्रैक विशेष न्यायालय (पॉक्सो), रायपुर के पीठासीन अधिकारी श्री अच्छेलाल काछी ने 2 मार्च 2026 को प्रकरण में निर्णय पारित करते हुए आरोपी को दोषमुक्त किया। उक्त मामले में बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता देवप्रसाद जोशी ने पैरवी की।

तिल्दा नहीं, टिकरापारा थाना क्षेत्र का मामला प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह मामला थाना टिकरापारा, जिला रायपुर के अपराध क्रमांक 554/2025 से संबंधित है। न्यायालय में प्रकरण विशेष दांडिक प्रकरण पॉक्सो क्रमांक 161/2025 के रूप में विचाराधीन था। आरोपी निर्मल कुमार वर्मा उर्फ सिद्धार्थ के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 74 एवं 296 तथा लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम, 2012 (पॉक्सो एक्ट) की धारा 12 के अंतर्गत आरोप लगाए गए थे।

प्रकरण के विचारण के दौरान अभियोजन पक्ष को न्यायालय के समक्ष उपलब्ध साक्ष्यों के माध्यम से आरोपी के विरुद्ध लगाए गए आरोपों को विधि के अनुरूप साबित करना था। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के अनुसार, अभियोजन पक्ष आरोपों को संदेह से परे प्रमाणित करने में सफल नहीं हो पाया।

संदेह से परे आरोप साबित करना अभियोजन का दायित्व

आपराधिक न्याय व्यवस्था में किसी भी व्यक्ति को केवल आरोप लगाए जाने के आधार पर दोषी नहीं ठहराया जा सकता। अभियोजन पक्ष का दायित्व होता है कि वह विश्वसनीय एवं स्वीकार्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपी के विरुद्ध लगाए गए आरोपों को संदेह से परे साबित करे।

यदि न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत साक्ष्य आरोपों को निर्धारित कानूनी मानक के अनुसार प्रमाणित करने के लिए पर्याप्त नहीं होते, तो आरोपी को संदेह का लाभ दिए जाने का सिद्धांत लागू हो सकता है।

इस प्रकरण में अभियोजन पक्ष अपना मामला संदेह से परे साबित नहीं कर पाया। इसी आधार पर माननीय विशेष न्यायालय ने आरोपी निर्मल कुमार वर्मा उर्फ सिद्धार्थ को संबंधित आरोपों से दोषमुक्त कर दिया।

बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता देवप्रसाद जोशी ने की पैरवी

उक्त प्रकरण में आरोपी की ओर से अधिवक्ता देवप्रसाद जोशी ने न्यायालय में पैरवी की। मामले की सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने आरोपी के विरुद्ध लगाए गए आरोपों के संबंध में अपना पक्ष रखा।

न्यायालय द्वारा 2 मार्च 2026 को पारित निर्णय में आरोपी को दोषमुक्त किया गया। यह निर्णय आपराधिक न्याय प्रक्रिया में अभियोजन द्वारा आरोपों को प्रमाणित करने के महत्व को रेखांकित करता है।

प्रकरण का संक्षिप्त विवरण

न्यायालय: माननीय सत्र न्यायाधीश प्रथम फास्ट ट्रैक विशेष न्यायालय (पॉक्सो), रायपुर

पीठासीन अधिकारी: श्री अच्छेलाल काछी

विशेष दांडिक प्रकरण: पॉक्सो क्रमांक 161/2025

थाना: टिकरापारा, रायपुर

अपराध क्रमांक: 554/2025

आरोपी: निर्मल कुमार वर्मा उर्फ सिद्धार्थ

संबंधित धाराएं: भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 74 एवं 296 तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 12

निर्णय दिनांक: 2 मार्च 2026

बचाव पक्ष के अधिवक्ता: देव प्रसाद जोशी, 9893354327

निर्णय: आरोपी दोषमुक्त